लगातार बिगड़ रही बात, सत्ता-विपक्ष के बीच घात-प्रतिघात

 

राहुल गांधी ने ट्रेड डील समेत तमाम मुद्दों पर बोला हमला सत्ता पक्ष की तरफ से रिजिजू, हरदीप पुरी ने कांग्रेस नेता को घेरा

लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी ने बजट पर चर्चा के दौरान डेटा और एआई से लेकर यूएस डील और एपस्टीन फाइल्स तक, सरकार पर चुन-चुनकर वार किए. जिस अंदाज में राहुल ने सरकार और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को घेरने की कोशिश की लगभग उसी अंदाज में सत्ता पक्ष ने भी जवाब दिया.

राहुल के संबोधन के दौरान सदन में जोरदार हंगामा भी हुआ और पीठासीन जगदंबिका पाल के साथ तीखी नोक-झोंक भी देखने को मिली. संसदीय कार्य मंत्री किरण रिजिजू ने राहुल के खिलाफ विशेषाधिकार प्रस्ताव लाने की बात कही तो केंद्रीय मंत्री हरदीप पुरी ने एपस्टीन फाइल के जिक्र पर पीसी करके राहुल को जवाब दिया.

राहुल गांधी ने भारत-अमेरिका ट्रेड डील को लेकर सरकार पर तीखे हमले किए हैं. उन्होंने कहा है कि देश को बेचकर इन्हें शर्म नहीं आती है. उन्होंने कहा कि भारत के फैसले अमेरिका कैसे ले रहा है. राहुल ने कहा कि अब यूनाइटेड स्टेट्स तय करेगा कि हम किससे तेल खरीदेंगे. यूनाइटेड स्टेट्स हमारे पास आएगा और कहेगा, आप खरीद नहीं सकते, फलां-फलां से तेल खरीदिए. क्या हमारे फैसले अब अमेरिका लेगा. हमारा फैसला प्रधानमंत्री नहीं करेंगे. 

लोकसभा में राहुल गांधी ने एपस्टीन फाइल्स केस का भी जिक्र किया. उन्होंने कहा, “तीन मिलियन फाइल्स अब भी लॉक के अंदर हैं. राहुल गांधी ने कहा, “पीएम की आंखों में डर दिखता है. इसकी दो वजहें हैं- एक एपस्टीन.” इस पर पीठासीन ने टोका. राहुल गांधी ने कहा कि सेंटर का डिफेंस बजट पर चोक दिखता है और वह हैं मिस्टर अडानी. अडानी एक साधारण बिजनेसमैन नहीं हैं और ना ही उनकी कंपनी साधारण कंपनी है. उनकी कंपनी पर अमेरिका में केस है, इसका टार्गेट पीएम हैं अडानी नहीं. यह कंपनी बीजेपी का फाइनेंशियल स्ट्रक्चर है.

इसके बाद रविशंकर प्रसाद ने आपत्ति जताई और कहा कि गलत बयानी करना इनकी आदत बन गई है. किरेन रिजिजू ने भी इस पर आपत्ति की. राहुल गांधी ने आगे कहा कि एक बिजनेसमैन हैं अनिल अंबानी. वह जेल में क्यों नहीं हैं. इसकी वजह है

एपस्टीन फाइल. हरदीप पुरी मंत्री हैं, इसी सदन के सदस्य हैं. इस पर पर रिजिजू ने आपत्ति की. रविशंकर प्रसाद ने इस पर आपत्ति की. केंद्रीय मंत्री हरदीप सिंह पुरी ने राहुल गांधी द्वारा लगाए गए एपस्टीन फाइल से जुड़े आरोपों को सिरे से खारिज कर दिया है. बुधवार को आयोजित प्रेस कॉन्फ्रेंस में पुरी ने कहा कि राहुल गांधी ने संसद में उनका नाम लेकर बेबुनियाद आरोप लगाए हैं और यह उनकी पुरानी आदत रही है. पुरी ने कहा कि एपस्टीन से जुड़े केवल एक-दो ईमेल का आदान-प्रदान हुआ था.

उन्होंने बताया कि उनके एक संपर्क ने उन्हें लिंक्डइन के रीड हॉफमैन से मिलवाया था. पुरी ने कहा, “मैंने उस ईमेल में लिखा था कि भारत इंटरनेट आधारित आर्थिक गतिविधियों के लिए शानदार अवसर प्रस्तुत करता है. मैंने `मेक इन इंडिया` अभियान का भी जिक्र किया था. जब मैंने यह लिखा, तब मैं एक निजी नागरिक था, सरकारी अधिकारी नहीं.”

राहुल गांधी ने केंद्र सरकार पर तीखा हमला बोलते हुए कई गंभीर आरोप लगाए, जिससे सदन में हंगामा मच गया. राहुल ने भारत-अमेरिका ट्रेड डील, जेफरी एपस्टीन का जिक्र किया और सरकार पर देश बेचने का आरोप लगाया. उनके बयानों पर बीजेपी नेताओं ने कड़ी आपत्ति जताई, जिससे सदन में हंगामा मच गया. वहीं, तीखी नोकझोंक के बीच किरेन रिजिजू ने पलटवार करते हुए कहा, `कोई माई का लाल पैदा नहीं हुआ, जो देश को बेच सके और कोई खरीद सके.`

एक मौका ऐसा भी आया,जब राहुल गांधी पर भड़के पीठासीन ने उन्हें अपनी सलाह याद दिलाते हुए ये तक कह दिया कि मेरी सलाह मानते, तो आज वहां नहीं बैठे होते. आसन पर कभी यूपी कांग्रेस के अध्यक्ष रह चुके बीजेपी के सांसद जगदंबिका पाल थे. दरअसल, राहुल गांधी ने अपने भाषण में दावा किया कि भारत के एक दिग्गज बिजनेसमैन का नाम एपस्टीन फाइल्स में आया है. लेकिन वो जेल में नहीं हैं. उनके खिलाफ आपराधिक मामले दर्ज हैं.

राहुल गांधी के आरोपों पर पीठासीन जगदंबिका पाल ने उन्हें निर्देश दिया कि वो सिर्फ उन मुद्दों पर बात करें जिनका ताल्लुक बजट से हो. पीठासीन के टोकने पर राहुल गांधी ने कहा, `आप कांग्रेस के पूर्व सदस्य हैं, इसीलिए मैं आपके लिए स्पेशल फेवर करूंगा और बैकआउट कर जाऊंगा. आप हमारी पार्टी के सदस्य रहे हैं, इसीलिए मैं आज बहुत ज्यादा आक्रामक नहीं रहूंगा. इस पर जगदंबिका ने पूछा कि वो बार-बार इस बात का जिक्र क्यों कर रहे हैं कि वो उनकी पार्टी के सदस्य रहे हैं.`

राहुल गांधी ने जगदंबिका पाल को बताया कि वो उनकी बहुत इज्जत करते हैं और उन्हें बहुत पसंद करते हैं और उनकी बात मानते हैं. राहुल गांधी की बात सुनकर पीठासीन ने कहा, `आप अगर मेरी बात मानते तो वहां नहीं बैठे होते. आप वहां इसीलिए ही बैठे हैं क्योंकि आपने मेरी सलाह नहीं मानी. अब मैं आपको सलाह दे रहा हूं कि आपको सही ट्रैक में मुड़ जाना चाहिए, आपके पास अभी भी वक्त है.`

पीठासीन ने राहुल गांधी को टोकते हुए कहा कि आपने वादा किया था कि किसी मंत्री का नाम नहीं लेंगे, लेकिन बार-बार नाम ले रहे हैं. एक बार आपने कहा कि नाम नहीं लूंगा, फिर ले रहे हैं. चेयर की रूलिंग की अवहेलना कर रहे हैं. ये विपक्ष के नेता का तरीका नहीं है.

आपको यह पता होना चाहिए कि बजट पर क्या होना चाहिए. सदन जब अलग-अलग विषयों पर चर्चा होती है, तो क्या बोलना चाहिए, ये पता होना चाहिए.  पीठासीन ने राहुल गांधी से कहा, `आपको बार-बार बोलने के लिए समय दिया जा रहा था, तब आप नो कॉन्फिडेंस मोशन ला रहे हैं. आप 40 मिनट से बोल रहे हैं, फिर कहेंगे बोलने नहीं दिया जा रहा है. चलिए खत्म करिए.`

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