भारत का केंद्रीय बजट केंद्र सरकार का व्यापक वार्षिक वित्तीय विवरण है जिसमें उनकी पूंजी, राजस्व और व्यय का विवरण शामिल होता है. भारतीय संविधान के अनुच्छेद 112 के अनुसार, केंद्रीय बजट भारत सरकार की अनुमानित प्राप्तियों और व्यय का विवरण है. यानी यह एक विस्तृत, व्यापक विवरण है कि सरकार स्वास्थ्य सेवा, बुनियादी ढांचा, कृषि, शिक्षा और रोजगार सृजन जैसे विभिन्न क्षेत्रों पर कितना पैसा खर्च करने की योजना बना रही है और कितना कर तय कर रही है. साथ ही, प्रत्यक्ष करों के माध्यम से कितना पैसा बनाने का लक्ष्य रखती है- जैसे आयकर और अप्रत्यक्ष कर, जैसे वैट और जीएसटी. पहले रेल बजट को अलग से पेश किया जाता था लेकिन अब इसे भी केंद्रीय बजट में शामिल कर दिया गया है (Government Plans, Budget).
इसके बाद वित्त मंत्रालय, बजट घाटे को निर्धारित करने के लिए राजस्व और व्यय के अनुमान की जांच करता है. सरकार को उस घाटे को पूरा करने के लिए आवश्यक उधारी की अधिकतम राशि निर्धारित करने के लिए केंद्र, मुख्य आर्थिक सलाहकार से परामर्श करता है. सभी परामर्शों के बाद, वित्त मंत्रालय भविष्य के व्यय के लिए अन्य मंत्रालयों को धन आवंटित करता है. राजस्व आवंटन पर किसी भी असहमति के मामले में, वित्त मंत्रालय प्रधानमंत्री (Prime Minister if India) या केंद्रीय मंत्रिमंडल के साथ परामर्श करता है.1947 से अब तक कुल 73 वार्षिक बजट, 14 अंतरिम बजट और चार विशेष बजट या मिनी-बजट हो पेश किए जा चुके हैं (Budget Till Now).
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